टैम्पोन-सैनेटरी पैड के इस्तेमाल से पहले महिलाएं जरूर जान लें ये बातें, नहीं तो पड़ेगा पछताना

New Delhi: दुनिया में हर महिला के periods शब्द बहुत ही आम है। ये एक नेचुरल प्रोसेस है जो हर लड़की सहती है। Periods के लिए हर लड़की Sanitary pads का इस्तेमाल करती है। जो हर महिला और लड़कियों के लिए मददगार तो हैं ही लेकिन इनसे कई तरह के नुकसान भी होते हैं।

ये पर्यावरण से लेकर पर्सनल हाइजिन तक के लिए कई मायनों से नुकसानदायक होते हैं। क्योंकि जेल-बेस्ड सैनिटरी नैपकिन्स पीरियड्स ब्लड को सोखकर दाग लगने की परेशानी से तो बचा लेते हैं, लेकिन यह सेहत के लिए अच्छे नहीं। जिस बारे में आज भी महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा अंजान है।

periods

बहुत कम ही महिलाओं को पता होगा कि सैनटरी पैड और टैम्पोन को बनाने वाले कैमिकल से कैंसर से जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। आइयें जानते है कि सैनटरी पैड महिलाओं के शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है।

periods को रोकने के लिए पैड्स में सेलुलोज का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा रहता है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला दूसरा कैंसर है। साथ ही पैड्स में मौजूद कैमिक्लस के कारण कई गंभीर इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।

पैड में रूई को भरते समय इसमें पेस्टीसाइड और हर्बीसाइड भरे जाते है जिससे कैंसर का खतरा रहता है। कोशिश करें कम कैमिकल वाले पैड का ही इस्तेमाल करें।

अगर आप मेनस्टुअल कप, पैड या टैम्पोन का इस्तेमाल कर रही हैं और आपको यह महसूस होता है कि आपके पीरियड के ब्लड से ज्यादा गंध आती है। जो कि कई तरह के इंफेक्शन के लक्षण हैं। ऐसे में जल्दी ही किसी डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।

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