एक करोड़ में एक को होता है खतरनाक फाइब्रोसारकोमा कैंसर, इससे बचना लगभग नामुमकिन होता है

New Delhi: मध्य प्रदेश के दतिया के रहने वाले 6 साल के मासूम को ऐसा कैंसर हुआ जो एक करोड़ में एक को होता है।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो बेहद खतरनाक होती है। कैंसर से आपकी जान भी जा सकती है। कई कैंसर तो ऐसे होते हैं जिनका इलाज तक नहीं मिलता है। 6 साला के मासूम को भी कुछ ऐसा ही कैंसर हुआ है, जिसके बारे में किसे न अभी तक नहीं सुना था। दरअसल, उसके जबड़े में फाइब्रोसारकोमा कैंसर था। इसकी वजह से गाल में एक तरफ बहुत सूजन हो गई थी। वह कुछ खा-पी नहीं पा रहा था। उसकी बीमारी थर्ड स्टेज में पहुंच गई थी। जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल में 28 मार्च को उसकी सर्जरी की गई थी। कैंसर सर्जन डॉ. रेणू सिंह के मुताबिक, मध्यप्रदेश ही नहीं देश में इस तरह के कैंसर का कोई रिकार्ड नहीं मिला है।

फाइब्रोसारकोमा बहुत ही दुलर्भ कैंसर है। उन्होंने बताया कि यह खासतौर बच्चों में होता है। यह केस बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। उसमें भी जबड़े में फाइब्रोसारकोमा की बीमारी तो एक करोड़ में एक को होती है। पिछले साल जुलाई में चेकअप के लिए अस्पताल आया था। सीटी स्कैन के बाद बायोप्सी की जांच की गई तो पता चला कि जबड़े का कैंसर है।

इसे स्पिंडल सेल ट्यूमर भी कहा जाता है। यह बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी थी, इसलिए ऑपरेशन में मुश्किल हो रही थी। डॉक्टरों ने फैसला किया की कीमोथैरेपी दी जाए, जिससे बीमारी कम हो सके। बीमारी कम होने के बाद 28 मार्च को ऑपरेशन किया गया। खून की कमी होने पर ब्लड भी चढ़ाया गया। डॉ. ने बताया कि बच्चों की सर्जरी जोखिम भरी होती है। लिहाजा ऑपरेशन के पहले अच्छी तैयारी की गई। सर्जरी में दाहिनी तरफ का आधा जबड़ा निकाल दिया गया। इसके बाद खाली जगह को छाती की मांसपेशियों से भरा गया। तो देखा आपने कैसे-कैसे कैंसर होते हैं। इसलिए अगर आपको अपने शरीर पर थोड़ा भी अंतर दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आप योगा करके भी अपनी आधी से अधिक बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

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